STORYMIRROR

तनहाइयों वक़्त पड़ाव क्यू है शहर उड़ता बुढापा खुद आ बेचैन डर घायल मोबाइल रहा है बक्श भूख कमाल कौन है अश्क आज़ाद

Hindi परेशां है Poems